हरियाणा में शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) पास 90 हजार उम्मीदवारों की मेहनत बेकार जाने वाली है। जुलाई 2020 में उनके एचटेट प्रमाण पत्र की वैधता खत्म हो जाएगी। अब इन्हें दोबारा एचटेट पास करना होगा। लेकिन इनमें से हजारों उम्मीदवार ऐसे हैं, जो अब पात्रता परीक्षा में भी बैठने के पात्र नहीं रह गए हैं। क्योंकि उनकी आयु सीमा निकल चुकी है।

8 साल से भर्तियों का इंतजार

बता दें इन उम्मीदवारों ने 2013 में एचटेट पास किया था। जिसकी वैधता 2018 तक ही थी। लेकिन सरकार ने इनकी मांग पर दो साल की वैधता बढ़ा दी थी। जिससे एचटेट प्रमाण पत्र 5 के बजाए 7 साल के लिए वैध हो गया लेकिन 8 साल से जेबीटी की कोई भर्ती न निकलने पर 90 हजार में से एक भी उम्मीदवार भर्ती नहीं हो पाया। इस माह प्रमाण पत्र की वैधता खत्म होने से ये उम्मीदवार चिंतित हैं, हालांकि कुछेक तो दोबारा परीक्षा पास कर फिर से इंतजार की लाइन में लग जाएंगे, मगर बड़ी संख्या में आयु सीमा के चलते अयोग्य हो जाएंगे।

वहीं सर्व कर्मचारी संघ ने इस मुद्दे पर आंदोलन छेड़ने का निर्णय लिया है। 25 जुलाई को संघ रोहतक में होने जा रही राज्य कार्यकारिणी की बैठक में आगे की रणनीति बनाएगा।

8 हजार पद खाली, भर सकता था विभाग

मौलिक शिक्षा विभाग में प्राथमिक शिक्षकों के करीब 8 हजार खाली पदों में से 6048 गेस्ट टीचर कार्यरत हैं। जिन पदों पर गेस्ट टीचर कार्यरत हैं, उन पदों को भरा हुआ मानने के बावजूद 3048 पद रिक्त रहते हैं। करीब 2 हजार पद वर्ष 2018 में जेबीटी के टीजीटी पदों पर प्रमोशन से रिक्त हुए हैं। 1000 के करीब पद रिटायरमेंट, निधन व अन्य कारणों से रिक्त हैं। वहीं 2000 के करीब प्रमोशन कर पद खाली किए जा सकते हैं। कुल मिलाकर विभाग में करीब 8 हजार जेबीटी शिक्षकों को नौकरी दी जा सकती है। लेकिन शायद सरकार की मंशा ही नहीं।

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