कोरोना की मार असर अब औद्योगिक क्षेत्र पर भी दिखाई दे रहा है। बावल के आईएमटी स्थित मारूति असाही ग्लास कम्पनी ने 600 अस्थाई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। जैसे ही इसकी खबर उन्हें लगी तो कर्मचारी कंपनी गेट पर एकत्रित हुए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते धरना स्थल पर कर्मचारियों की भारी भीड़ जुट गई।

नौकरी से निकाले गए कर्मचारी यूनियन के प्रधान संदीप, सचिव राकेश कुमार, राकेश, महेंद्र, रतिराम, सतबीर, मनोज, मुकेश, हुकम, सतीश, संजय, प्रवीन, करण सिंह, नरेश, धर्मबीर, राजकुमार, शिवम आदि ने बताया कि वे 15 से 20 साल से कंपनी में कार्यरत है। लेकिन लॉकडाउन के चलते कंपनी ने 600 कर्मचारियों को निकाल दिया है। यहां तक कि उन्हें लॉकडाउन के दौरान का वेतन भी नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा की उनके समक्ष दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गए हैं।

भीषण गर्मी में कर्मचारी प्रबंधकों के निर्णय के खिलाफ धरने पर बैठे है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका गेट बंद करके प्रबंधकों ने नई भर्ती शुरू कर दी है। इस दौरान श्रम अधिकारी हवा सिंह मौके पर पहुंच गए। कर्मचारियों ने उन्हें भी अपना दुखड़ा सुनाया और न्याय की गुहार लगाई। हवा सिंह ने कहा कि वे इस मामले का संज्ञान लेकर प्रबंधकों से बात की। तीनों पक्षों के बीच बातचीत का अभी कोई हल नहीं निकला है।

हालांकि श्रम अधिकारी के आश्वासन के बाद धरनास्थल से कर्मचारी लौट गए। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें बहाल नहीं किया गया तो वे आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर कंपनी के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे। सूचना पाकर कसौला थाना प्रभारी सर्वेष्ठा देवी धरनास्थल पर पहुंची और उन्हें समझाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने व फेस मास्क लगाने के लिए कहा।

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