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हरियाणा के थानेसर विधानसभा से भाजपा विधायक सुभाष सुधा की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। सुभाष सुधा को शनिवार को मेदांता मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल की कोरोना टीम भाजपा विधायक की देखभाल कर रही है, जहां उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। उन्हें आईसीयू-8 में भर्ती किया गया है। बड़ी लापरवाही ये रही कि उन्होंने तबियत खराब होते हुए भी कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर पर आयोजित सूर्यग्रहण अनुष्ठान में भाग लिया था। उनके संपर्क में बड़े बड़े संत और नेता आए थे।

कोरोना के लक्षण नजर आने पर भाजपा विधायक को मेदांता अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। शनिवार को ही उनसे कोविड-19 की जांच के लिए नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिया गया था। इससे पहले सुभाष सुधा को कुरुक्षेत्र के एक निजी अस्पताल में 22 जून को भर्ती कराया गया था

तबियत खराब होने के बावजूद सूर्यग्रहण अनुष्ठान में क्यों लिया भाग ?

विधायक सुभाष सुधा की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आते ही 21 जून के सूर्यग्रहण अनुष्ठान में मौजूद संतगण, दूसरे प्रदेशों से आये पुरोहितों, अधिकारियों और मीडिया कर्मियों के लिये खतरे की घंटी बज गई है। सांसद सैनी भी उनके साथ ही थे। अब उन लोगों के लिये ख़तरा और बढ़ गया है जिन्होंने विधायक सुभाष सुधा के साथ ब्रह्मसरोवर में सूर्यग्रहण पर मोक्ष की डुबकी लगाई थी। रविवार रात को सुधा के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि डीसी धीरेंद्र ने की है

बता दें कि स्वास्थ्य खराब होने के चलते सूर्यग्रहण अनुष्ठान में विधायक सुभाष सुधा देरी से पहुंचे थे। यह बात उन्होंने सूर्यग्रहण अनुष्ठान के दौरान मीडिया कर्मियों को भी बताई थी। अब सवाल उठ रहे है जब उनकी तबियत खराब थी तो अनुष्ठान में आने की इजाजत क्यों दी गई। वो भी जब भाग लेने वाले लोगों का बुखार नापा गया था। बताया जा रहा है कि अब एक लिस्ट बनाई जा रही है, जिसमें सुधा के संपर्क में आए लोगों के नाम लिखे जाएंगे।

शनिवार को ही उनके कोरोना पॉजिटिव होने की खबरें सोशल मीडिया पर चल रही थीं, लेकिन गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में 28 जून देर शाम को यह साफ कर दिया गया कि सुभाष सुधा कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। यह खबर विधायक के समर्थकों, परिजनों और शुभचिंतकों के लिये परेशान करने वाली थी।

सोशल मीडिया पर हो रही है आलोचना

वहीं सोशल मीडिया पर सूर्यग्रहण अनुष्ठान पर अंगुली उठाते हुए कई लोगों ने जमकर आलोचना करते हुए यह भी लिखा कि तमाम प्रतिबंधों के बावजूद इस अनुष्ठान को मंजूरी देना लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ साबित हुआ है। अब यही प्रार्थना की जा रही है कि उस दिन अनुष्ठान में मौजूद लोग और पिछले सात दिनों से विधायक के संपर्क में आए अन्य कोरोना के प्रभाव से सुरक्षित रहें।

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