गर्मी के इस मौसम में पानी पर हरियाणा में सियासत गर्म है। अभी तक लॉकडाउन में चंडीगढ में रहने वाले मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भी अपनी सरकार की मेरा पानी मेरी विरासत योजना बचाने के लिए फील्ड में उतरना पडा है। वहीं विपक्ष भी सरकार पर जमकर हमलावर हो गया है। भूपेंद्र हुड्डा, रणदीप सुरजेवाला और अभय चौटाला सहित सभी बड़े दल और नेता राजनीतिक रोटियां सेंक रहे है।

वहीं रतियां में किसान एक विशाल प्रदर्शन से सरकार पर दबाव बनाने में सफल हो गए हैं। अब सरकार का कहना है कि वो धान की जगह मक्का बिजाई को इसलिए प्रोत्साहन दे रही है क्योंकि ये वक्त की जरूरत है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को किसानों की बिल्कुल चिंता नहीं है। वैसे असल चिंता तो ना सरकार को है ना विपक्ष को खैर जो भी है फिलहाल सभी पक्ष किसानों और पानी के मुद्दे पर सियायत गरमाने में लगे हैं। वहीं दुष्यंत के बयान ने सरकार को बैकफुट पर ला दिया है।

मुख्यमंत्री ने किसानों से किया सवांद

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सरकार की योजना मेरा पानी मेरी विरासत का बचाव करने के लिए कुरुक्षेत्र का रूख किया है। मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में किसानों से इस मुद्दे पर सीधी बात करते हुए कहा कि सरकार ने पिछले वर्ष पानी को बचाने के लिए जल ही जीवन योजना को शुरु किया था, लेकिन इस वर्ष योजना में सुधार करते हुए मेरा पानी मेरी विरासत योजना को लागू किया है। इस योजना पर काफी विचार-विमर्श किया गया। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में इस योजना को बनाया गया और मई माह में इसकी घोषणा कर दी गई है। इस योजना को तैयार करने से पहले किसानों, वैज्ञानिकों, विधायकों और सरकार से जुड़े अन्य लोगों से भी गम्भीरता के साथ मंथन किया गया

इस मंथन के बाद ही मेरा पानी मेरी विरासत योजना को तैयार किया। इस योजना से आगामी 10-20 सालों की भावी पीढ़ी को फायदा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि एक से दो एकड़ वाले छोटे किसानों को भी इस स्कीम में कुछ रियायतें मिलेंगी। सभी का एक ही लक्ष्य है कि पानी को बचाना है, जमीन से पानी कम निकालना है और भूजल स्तर में सुधार करना है। इस गंभीर विषय को लेकर ही सभी को सोचने और मंथन करने की जरुरत है। इस दौरान जो भी बेहतर सुझाव आएंगे, उन्हें सरकार लागू करेगी और पानी की एक-एक बूंद बचाने का प्रयत्न करेंगी। इस दौरान कुरुक्षेत्र के किसानों ने जो सुझाव दिए है इन सुझावों पर भी सरकार कार्रवाई करेगी ताकि किसानों को लाभ मिल सके और पानी को बचाया जा सके।

दुष्यंत का बयान पड़ रहा है भारी

वहीं दूसरी और सरकार में भागीदार जेजेपी नेता और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का धान की बुआई को लेकर दिया बयान चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने किसानों को कहा था की की आप बुआई कीजिए कोई रोक नहीं है। जिसके बाद सरकार की मेरा पानी मेरी विरासत योजना खतरे में आ गईं है। अब मुख्यमंत्री ने खुद योजना को अमलीजामा पहनाने का जिम्मा उठाया है।

One thought on “दुष्यंत का बयान मेरा पानी मेरी विरासत योजना पर पड़ सकता है भारी, धान बुआई के मुद्दे पर फ़ील्ड में उतरे मुख्यमंत्री मनोहर लाल”

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