हरियाणा में कोरोना से मृत्यु होने पर शव परिजनों को नहीं मिलेगा। सरकार ने यह अहम निर्णय लिया है। मृतक के धर्म अनुसार उसका अंतिम संस्कार रस्मों रिवाज के साथ सरकार कराएगी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। हरियाणा में अब तक कोरोना से तीन मौतें हुई हैं। एक अंबाला व दूसरी करनाल निवासी की। इसके अलावा तीसरी मौत रोहतक निवासी महिला की दिल्ली में हो चुकी है।

शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों से बैठक के बाद बताया कि हरियाणा में कोरोना पॉजिटिव के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हालांकि, अधिक संख्या मरकज से आए जमातियों की है। सरकार की ओर से जारी निर्देशों में जिला प्रशासन व निकायों के अधिकारियों को कहा गया है कि वे शमशानघाट और कब्रिस्तान के संचालकों को भी इस बारे में सूचित करें। अब सरकार ही मृतकों का अंतिम संस्कार कराएगी।

सरकार ने शमशानघाट और कब्रिस्तान को सैनिटाइज करवाने को भी कहा है। सरकार ने निकायों के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को संस्कार का जिम्मा सौंपा जाएगा। जो भी कर्मचारी संस्कार करेंगे, उन्हें पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट) किट मुहैया करवाई जाएगी। इतना ही नहीं, सरकार ऐसे कर्मचारियों को इन्सेंटिव भी देगी। संस्कार करने वाले कर्मचारियों को कितना प्रोत्साहन मिलेगा, इसकी घोषणा सरकार अगले सप्ताह कर सकती है।

हिंदुओं का शमशानघाट में अंतिम संस्कार होगा। मुसलमानों को कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। अनिल विज के अनुसार सरकार ने तय किया है कि कोरोना से मरने वाले लोगों का संस्कार शहरी स्थानीय निकाय विभाग करेगा।

इस्तेमाल होंगे इलेक्ट्रॉनिक शवदाह गृह
प्रदेश के कई शहरों में इलेक्ट्रॉनिक शवदाह गृह हैं। अगर कोरोना से किसी की मौत होती है तो उसका संस्कार इसी में करवाना प्राथमिकता रहेगी। अगर किसी शहर में यह सुविधा नहीं है तो लकड़ियों से अंतिम संस्कार होगा।

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