चंडीगढ़. राज्य में सैनिटाइजर की बोतलों पर फोटो लगाने से शुरू हुई सियासत के बीच अब सैनिटाइजर में एल्कोहल के मानकों को लेकर सवाल उठ गए हैं। भाजपा और जजपा के साथ विपक्षी दलों की ओर से लोगों को बांटी गई नेताओं के फोटो वाली सैनिटाइजर एक ही डिस्टलरी प्लांट में बनी हैं, जिसमें 90 फीसदी एल्कोहल की मात्रा पाई गई है। जबकि सैनिटाइजर में अमूमन 70 फीसदी एल्कोहल का मानक बताया गया है।

एल्कोहल की मात्रा निर्धारित मानक से ज्यादा होने पर स्वास्थ्य विभाग ने पीजीआई रोहतक के सीनियर डॉ ध्रुव चौधरी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया है, जो कोरोना जांच को लेकर भी नोडल अधिकारी बनाए हुए हैं। यह कमेटी ही जांच कर रिपोर्ट देगी कि मात्रा सही है या नहीं। या इसमें एल्कोहल की मात्रा ज्यादा बढ़ाने की वजह क्या रही। क्योंकि ज्यादा एल्कोहल से स्किन पर भी नुकसान हो सकता है।

मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री की तसवीर लगें हेंड सेनेटाइजर

सबसे पहले भाजपा और जजपा की ओर से लोगों को सैनिटाइजर बांटा गया, जिन पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के फोटो लगे हुए थे। इसके बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने भी अपने क्षेत्रों में लोगों को सैनिटाइजर बंटवाया। सूत्रों का कहना है कि ये सैनिटाइजर एक ही कंपनी द्वारा बनाए गए। जिनमें सभी में एल्कोहल की मात्रा ज्यादा मिली है।

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