कोरोना वायरस के कहर के बीच सोमवार को हरियाणा के अंबाला में कोरोना वायरस संदिग्ध के अंतिम संस्कार को लेकर जमकर हंगामा हुआ। मामला इतना बिगड़ गया कि अंतिम संस्कार में शामिल हुए 200 से 300 लोगों की भीड़ ने पुलिस और डॉक्टरों पर हमला कर दिया। दरअसल सोमवार को कोरोना संदिग्ध महिला की बीमारी से मौत हो गई, जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाना था। लॉकडाउन का उल्लंघन कर ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंच पुलिस का विरोध किया। 

जब कोरोना संदिग्ध महिला का शव अंतिम संस्कार के लिए चांदपुरा के अंतिम संस्कार स्थल पर लाया गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। शव के अंतिम संस्कार को लेकर मामला इस कदर बढ़ गया कि पुलिस और स्थानीय लोगों में झड़प हो गई। ग्रामीणों ने पुलिसवालों पर पथराव किया और मामला इस कदर बिगड़ गया कि भीड़ हटाने के लिए पुलिसवालों को लाठीचार्ज करनी पड़ी। 

बताया गया कि सरकार के आदेश अनुसार कुछ श्मशान घाट चिन्हित करें गये है जहां केवल कोरोना संदिग्ध लोगों का ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस इसीलिए चांदपुर में अंतिम संस्कार करने वाली थी। ग्रामीण उस जगह पर अंतिम संस्कार नहीं होने के लिए अड़े थे। जबकि प्रशासन ने सुरक्षा के सारे इंतजाम के तहत इस जगह को चुना था। गांव वालों ने न सिर्फ लाठी-डंडों से पुलिस और डॉक्टरों की टीम पर हमला किया, बल्कि एंबुलेंस को भी नुकसान पहुंचाया और तोड़ फोड़ किया। ग्रीमीणों ने पुलिस-डॉक्टरों की टीम पर पत्थर भी बरसाए। अंबाला के डीएसपी राम कुमार ने बताया, यह स्थान कोविड-19 के मरीजों और संदिग्धों के अंतिम संस्कार के लिए है।

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