हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रदेश में बारिश के कारण गेहूं को जो लस्टर लोस (दाने की चमक कम पड़ना) हुआ है, उसकी भरपाई किसानों से नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार इसकी भरपाई करेगी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री रामबिलास पासवान के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इस बात पर चर्चा हुई है।

उन्होंने बताया की केंद्र सरकार ने उनके आग्रह को मान लिया है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि हरियाणा की मंडियों से करीब 70 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। जिसमें से 60 लाख मीट्रिक टन गोदामों में जा चुका है। करीब 12 हजार 40 करोड़ रुपये का गेहूं खरीदा गया है। इसमें से करीब नौ हजार करोड़ रुपये आढ़तियों के खाते में जा चुका है।

उन्होंने कहा 6270 करोड़ रुपये किसानों के खाते में जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि 10 मई तक खरीदे गेहूं की 6 हजार करोड़ से अधिक की राशि किसानों के खाते में भेजी जा चुकी है और 20 मई तक की खरीदे गए गेहूं की राशि को जल्द ही किसानों के खाते में भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कई मंडियों में उठान की समस्या आई है। जो कि मजदूरों के न होने की वजह से हुई है।

खरीद एजेंसियों को अगले तीन दिनों में मंडियों से गेहूं का उठान करवाने के सख्त निर्देश दिए गए है। जिन अधिकारियों ने गेहूं उठान में लापरवाही बरती तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। राज्य सरकार ने केंद्रीय खाद्य और आपूर्ति मंत्री रामबिलास पासवान से आग्रह भी किया है कि वन नेशन, वन राशन कार्ड की पॉलिसी के तहत अन्य राज्यों को भी जोड़ा जाए। ताकि ऐसे संकट के समय में जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाने के लिए एक राज्य दूसरे राज्य से ऑनलाइन डाटा शेयर कर सके।

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