देशभर में कोरोना के चलते लॉकडाउन चल रहा है। इस समय स्कूल बंद है ऐसे में बच्चों को लेकर अभिभवकों में चिंता है। टीवी, फ़ोन से बच्चों को बचाने के लिए परिजन कई उपाय अपना रहे हैं। ऐसे में बलटाना में रहने वाले राहुल गुप्ता ने बीड़ा उठाया है बच्चों को भारतीय संस्कृति की पहचान करवाई जाए ताकि समय का सही उपयोग हो सके।

विदेशों में अपने नृत्य की प्रस्तुतियों से अपनी संस्कृति का लोहा मनवा चुके राहुल बताते हैं कि अभी जो पूरे संसार पर जो संकट आया हुआ है कोरोनावायरस का उसके निदान के लिए 2 घंटे सुबह को हम योगा अभ्यास करते हैं तथा शाम को हम भारतीय संस्कृति का पवित्र नृत्य भरतनाट्यम का रियास करते हैं। अभी भी कई देशों से लोग उनके साथ जुड़े हुए हैं। राहुल ऑनलाइन ही नृत्य की कला सीखा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नृत्य से हमारा मानव बल तथा शरीर हष्ट पुष्ट रहता है और हमारा दिमाग भी संतुलित और भटकता नहीं है जिस प्रकार आज सब लोगों को घर में ही लॉकडाउन किया गया है, उसके मद्देनजर देखते हुए मैं यंग जनरेशन को यह मैसेज देना चाहता हूं कि वह संगीत नृत्य और कला का सहारा ले इस समय जिससे के मन को बहुत आनंद की प्राप्ति होगी।

आपको बता दें राहुल के पुत्र भारत गुप्ता भी अपने पिता का बखूबी साथ निभाते हैं। उन्होंने कहा कि भरतनाट्यम हम दोनों पिता पुत्र प्रतिदिन करते हैं और फेसबुक पर भी इसको अपलोड करते हैं ताकि इससे सभी जागृत होते रहे। नृत्य करने से हमारा मन एकाग्र हो जाता है और एक हृदय से मन भटकता और चंचल नहीं होता। उसके साथ साथ जब हमें कभी टाइम लगता है तो दोपहर को हम लोग पेंटिंग और चित्रकारी भी कर लेते हैं जो एक अच्छा साधन है मन पर विजय पाने का।

One thought on “पिता-पुत्र की जोड़ी भरतनाट्यम से बच्चों को दे रहे है भारतीय संस्कृति की सीख”

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