कोविड-19 की भारत की पहली संभावित वैक्सीन ‘कोवाक्सिन’ को दवा नियामक डीजीसीआई (DGCI) से पहले व दूसरे चरण के लिए मानव परीक्षण की अनुमति दी चुकी है। अब इसका ट्रायल रोहतक पीजीआई (PGI) समेत देशभर के 12 सेंटर में होगा। इस वैक्सीन को हैदराबाद की फार्मा कंपनी भारत बायोटेक ने तैयार किया है।

इसे इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) व नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे ने मिलकर बनाया है। इसके प्री-क्लीनिकल ट्रायल कामयाब रहे हैं। अब इंसानों पर ट्रायल इसी जुलाई माह से शुरू किए जाएंगे।

इस कोरोना वैक्सीन के अहम ट्रायल के लिए रोहतक PGI के फार्माकोलॉजी विभाग की प्रोफेसर डॉ. सविता वर्मा को प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर, कोविड-19 के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी व कम्युनिटी विभाग के डॉ. रमेश वर्मा को को-इंवेस्टिगेटर की जिम्मेदारी दी गई है।

डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि दवा का ट्रायल 2 चरणों में होना है। पहले चरण में 375 व दूसरे चरण में 750 वालिंटियर्स को शामिल किया जाएगा। प्रदेश के कोविड-19 के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी ने कहा कि कोई भी इच्छुक व्यक्ति पीजीआईएमएस की कोविड हेल्पलाइन 9416447071 पर फोन कर ट्रायल का हिस्सा बनने के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकता है।

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