यमुनानगर: गांव मंधार निवासी गुरविंदर सिंह (45) को बाइक सवार बदमाशों ने मंगलवार सायं 3 गोलियां मारकर हत्या कर दी। वह गांव के बाहर एक दुकान पर बैठा था। बाइक सवार तीन बदमाश आए और आते ही गुरविंदर के माथे और कनपटी पर गोलियां चला दी। बताया गया है की गुरविंदर कई अवैध धंधा करने वाले लोगों को पकड़वा चुका है। पुलिस में कई अधिकारियों से उसकी अच्छी जान पहचान थीं।

गांव और परिवार के लोग उसे गाबा अस्पताल में लेकर आए जहां पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। गोलियां मारने वाले 20 से 25 साल की उम्र के बताए जा रहे हैं। गुरविंदर ने गांव की ही लड़की से शादी रचाई थी। हालांकि उनके पास कोई संतान नहीं है। उसकी पत्नी काफी समय से अपने मायके में ही रह रही थी। गुरविंदर ज्यादातर गांव से बाहर ही रहता था।

बताया गया की गुरविंदर का भाई और पिता अम्बाला में रहते हैं। उसका भाई आर्मी से रिटायर्ड है। छप्पर थाना पुलिस समेत पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंच चुकी थी। पुलिस ने बयान दर्ज कर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

मृतक के रिश्तेदार अवतार सिंह ने बताया कि गुरविंदर सिंह ज्यादातर गांव से बाहर ही रहता था। वह समाजसेवा में लगा रहता था। मंगलवार को गांव में आया था। उसके पास कोई बच्चा भी नहीं है। उन्हें तो पता ही चला कि उसे गोली मार दी है। वह गांव में ही दुकान पर पहुंचे तो वहां से गाड़ी में डालकर गुरविंदर को अस्पताल लेकर आए जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उनका कहना है कि गुरविंदर कि किसी के साथ कोई रंजिश नहीं थी। गोलियां किसने और क्यों मारी, यह नहीं पता।

रछपाल हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाने वाले थे गुरविंदर सिंह

कुछ दिन पहले गांव बाल छप्पर की सरपंच के पति रछपाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसकी हत्या करने वाला मुख्य आरोपी वीरेंद्र आज तक फरार है। जब रछपाल के शव का पोस्टमार्टम हुआ था तो परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया था। उनकी मांग थी कि पुलिस पहले आरोपियों को गिरफ्तार करें। तब मौके पर गुरविंदर सिंह भी पहुंचे थे। उन्होंने भी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी और शव लेने से मना कर दिया था।

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