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भारत-चीन सीमा पर बढ़ते तनाव का असर अब दिखने लगा है। हरियाणा सरकार ने शनिवार को चीन की दो कंपनियों के 822 करोड़ रुपए के टेंडर तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए। इनमें एक टेंडर हिसार के खेदड़ थर्मल प्लांट का 540 करोड़ रुपए का है, जबकि एक यमुनानगर का 282 करोड़ रुपए का है।

हरियाणा पावर जनरेशन कारपोरेशन लि. के एमडी मोहम्मद साइन ने बताया कि गैस डि-सल्फराइजेशन करने के लिए इन दो चीनी कंपनियों को टेंडर दिए गए थे। ये टेंडर फरवरी 2019 में जारी हुए थे। हालांकि अभी इन पर काम भी शुरू नहीं हुआ है। फिलहाल टेंडर रद्द कर दिए गए हैं।

हरियाणा के ऊर्जा मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने बताया कि हिसार जिले के खेदड़ थर्मल पावर प्लांट में टेंडर बीजिंग की एक कंपनी को मिला था और यमुनानगर में शंघाई की एक कंपनी यह निविदा प्राप्त करने में कामयाब हुई थी। अब डोमेस्टिक कॉम्पिटेटिव बिडिंग के जरिए भारतीय कंपनियों को यह अवसर प्रदान किया जाएगा, ताकि देश को आर्थिक रूप से सुदृढ़ किया जा सके।

गौरतलब है कि यमुनानगर स्थित थर्मल प्लांट में 300-300 मेगावॉट की दो इकाइयां लगी है। यहां पर चीन की तकनीक पर आधारित टेक्नोलॉजी की मशीनरी है। अगर मशीनरी में किसी तरह की कोई दिक्कत आती है तो चाइना से ठीक करने के लिए मकैनिक बुलाने पड़ते हैं। साल 2008 में इस प्लांट का काम पूरा हुआ था।

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