हरियाणा में अनलॉक-वन शुरू होने के साथ ही सरकार किसी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है। प्रदेश सरकार न तो क्वारंटाइन सेंटर बंद करेगी और न ही कोविड अस्पतालों की संख्या कम करेगी। आपको बता दें बिहार, झारखंड, तमिलनाडु समेत कुछ राज्य अपने यहां क्वारंटाइन सेंटर बंद करने की तैयारी में हैैं। हरियाणा ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए अपने नियम तैयार किए हैैं।

क्या है केंद्र सरकार की गाइडलाइंस

हरियाणा इस मामले में केंद्र सरकार की गाइड लाइन के हिसाब से नहीं चलेगा। केंद्र के निर्देश हैैं कि यदि कोई मरीज़ 10 दिन तक अस्पताल में भर्ती है तो उसे डिस्चार्ज किया जा सकता है, लेकिन हरियाणा सरकार ने फैसला किया है कि 10 दिन पॉजिटिव रहने के बाद नार्मल होने वाले मरीज की नेगेटिव रिपोर्ट आने तक उसे अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री विज के अनुसार जिस तरह से दिल्ली से सटे जिलों खासकर गुरुग्राम में कोरोना पॉजिटिव केस बढ़ रहे हैैं, वह बेहद चिंता का विषय है। इसलिए सरकार किसी तरह का रिस्क नहीं ले सकती। दिल्ली की सीमाओं पर अभी सख्ती रहेगी और बिना जांच-पड़ताल के किसी को हरियाणा में नहीं आने दिया जाएगा। हालांकि दिल्ली बॉर्डर पर कहानी कुछ ओर ही है। लोग बिना जांच के आवागमन कर रहे है।

कोरोना मामले बढ़ने पर सरकार पूरी तरह तैयार

अनिल विज के अनुसार कोरोना का असर यदि बढ़ भी गया तो प्रदेश सरकार के पास एक बार में कम से कम 38 हजार लोगों के इलाज की सुविधा उपलब्ध है। 12 हजार बेड कोविड अस्पतालों में हैैं, जबकि 26 हजार बेड का इंतजाम क्वारंटाइन सेंटरों में हैैं। किसी भी क्वारंटाइन सेंटर को बंद नहीं किया जाएगा। प्रदेश में कुल 383 एरिया कंटेनमेंट जोन घोषित हैं। इन सभी में 30 जून तक लॉकडाउन जारी रखने का फैसला लिया गया है।

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