बाकी राज्यों की तरह हरियाणा सरकार ने भी एजुकेशन के हब कोटा, राजस्थान में फंसे छात्रों को निकालने के लिए रोडवेज बसें रवाना कर दी है। रेवाड़ी की 16 व नारनौल डिपो की 15 बसों को गुरुवार की सुबह रवाना कर दिया गया हैं।

गुरुग्राम सीआईडी के डीएसपी व रोहतक टीएम नवीन कुमार के नेतृत्व में सभी बसें रवाना हो चुकी है। कोटा से चलने के बाद यह सभी बसें जिला वाइज रवाना होगी और फिर बच्चों को उनके गृह जिलों में टेस्टिंग के बाद 14 दिन के लिए अलग रखा जाएगा। कोटा में सबसे ज्यादा रेवाड़ी के 136 व सबसे कम यमुनानगर के 5 छात्र फंसे हुए है।

कोटा में कोचिंग ले रहे प्रदेश के 858 बच्चों की लिस्ट आई है। इसी लिस्ट के आधार पर रेवाड़ी की 16 व नारनौल की 15 बसें भेजी गई है। बसों में बैठाकर कोटा से हरियाणा में बच्चों को उनके गृह जिलों तक पहुंचाया जाएगा। 

– नवीन भारद्वाज, जीएम, रेवाड़ी।

प्रदेश के कुल 19 जिलों के 858 विद्यार्थियों की लिस्ट तैयार की गई है, जो फिलहाल कोटा में फंसे हुए है। इनके लिए रेवाड़ी-नारनौल डिपो की 31 बसें रवाना की गई है। देर रात तक रुट वाइज सभी बसें प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहुंचनी शुरू हो जाएगी।

बता दें राजस्थान में कोराना संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है, जिसके चलते वहां पढ़ाई के सिलसिले में गए प्रदेश के विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके परिजनों की चिंता लगातार बढ़ी हुई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अब बच्चों को कोटा से वापस लाने का निर्णय लिया है। कोटा से रवाना होने वाली रोडवेज की एक बस में सिर्फ 30 ही विद्यार्थी बैठ सकेंगे। कोटा से बच्चों को बैठाने के बाद रूट वाइज बसें प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पहुंचेगी।

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