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हरियाणा के सोनीपत शराब घोटाला अब सियासी रंग लेता न‍जर आ रहा है। पूरा मामला हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज और उपमुख्‍यमंत्री दुष्‍यंत चौटाला के बीच झूलता दिख रहा है। दुष्‍यंत के पास आबकारी विभाग का कार्यभर है। अब मामले में विपक्षी नेता भी कूद पड़े हैं। इनेलो नेता अभय चौटाला ने अनिल विज द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन किया है। दूसरी ओर, इस घोटाले के तार चंडीगढ़ स्‍थित हरियाणा के सिविल सचिवालय तक जुड़ गए हैैं।

लॉकडाउन के बावजूद हरियाणा में हो रहे शराब घोटाले में कई अधिकारी और सफेदपोश जांच के दायरे में आ सकते हैं। शुक्रवार देर रात हरियाणा, चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस ने शराब घोटाले के किंगपिन भूपेंद्र सिंह के चंडीगढ़ के सेक्टर-50 के ठिकाने पर छापा मारा। इस दौरान भूपेंद्र सिंह फरार हो गया। पुलिस को मौके से 97 लाख कैश, दो पिस्टल एक रेंज रोवर और चार मोबाइल फोन मिले। 

मोबाइल फोन से कई वीआईपी नंबर मिले

प्राथमिक जांच में मोबाइल फोन के माध्यम से कई राज खुलने की बातें कही जा रही हैं। वहीं, शनिवार देर शाम भूपेंद्र सिंह ने सोनीपत के खरखौदा थाने में सरेंडर कर दिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच एसआईटी कर रही है। भूपेंद्र पर शराब तस्करी के एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।

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हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने पत्रकारों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में बताया कि मौके से बरामद टेलीफोन बोलेगा और राज खोलेगा। अनिल विज ने जो खुलासा किया है वह चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा कि आरोपी का हरियाणा सचिवालय में बेरोकटोक आना जाना था। वह यहां पर कई अधिकारियों के पास बैठा पाया जाता था। मामले में होने वली जांच दूध का दूध और पानी का पानी करेगी।

हरियाणा सचिवालय में थी पहुंच

हरियाणा के गृह विभाग से जुड़े सूत्रों ने संकेत दिए कि भूपेंद्र सिंह की पुलिस के भी कई बड़े अफसरों से सीधी बातचीत होती थी। भूपेंद्र सिंह कई बार हरियाणा सिविल सचिवालय में भी देखा गया है। वह अधिकारियों से मिलने के लिए ही आया करता था। भूपेंद्र सिंह पर दो जिलों में पहले से ही 11 मुकदमे चल रहे हैं। गृह मंत्री अनिल विज ने डीजीपी मनोज यादव से भूपेंद्र सिंह के खिलाफ चल रहे सभी मामलों की जानकारी तलब की है। साथ ही यह भी पूछा है कि सोनीपत पुलिस ने आखिर भूपेंद्र सिंह के गोदाम में किसकी मंजूरी से पकड़ी गई शराब को रखा।

गृह मंत्री अनिल विज का यह बयान कि लाॅकडाउन के समय पुलिस व आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से शराब की तस्करी हुई है, बिल्कुल ठीक है। हमें गृह मंत्री की कार्यप्रणाली पर पूरा भरोसा है कि वह दूध का दूध पानी का पानी अलग कर देंगे। जांच में अगर कोई दोषी पाया गया तो वह कदाचि नहीं बख्शा जाना चाहिए, बेशक कोई कितने भी ऊंचे पद पर तैनात हो। भाजपा-जजपा सरकार द्वारा शराब के ठेकेदारों को तरह-तरह की छूट देने से लगता है कि सरकार के भागीदारों की ठेकेदारों के प्रति ठंडी नजर है।

अभय सिंह चौटाला, इनेलो नेता

गृहमंत्री अनिल विज सोनीपत शराब घोटाले को लेकर काफी गंभीर है। वो चाहते है की मामले की जांच आईएएस अशोक खेमका करें। उन्होंने पहले तो गोदाम पर तैनात पांच पुलिस वालों पर कार्रवाई की, इसके बाद स्थानीय पुलिस की तरफ से एक शिकायत दी गई। जब मामला पुलिस की तरफ से आबकारी विभाग की ओर मुडने लगा तो आबकारी विभाग ने भी शराब चोरी की एक शिकायत पुलिस में दी। गोदाम के मालिक की गिरफ्तारी हो गई है और आगे की जांच जारी है।

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