वैक्सीन की बर्बादी: हरियाणा ने सबसे ज्यादा 6.49% डोज बर्बाद किए, केंद्र सरकार ने जारी की रिपोर्ट

देश में कोरोना वैक्सीन लगाने में जहां हरियाणा 15वें नंबर पर है। लेकिन यहां टीके की बर्बादी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सबसे ज्यादा है। केंद्र की जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में सबसे ज्यादा 6.49% डोज अभी तक खराब हो चुकी हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार अभी तक हरियाणा में 44 लाख 2 हजार 220 डोज लोगों को लगाई गई हैं।

यदि प्रतिशत के अनुसार खराब हुई डोज का आंकड़ा निकालें तो यह 2,87,467 होता है। केंद्र सरकार शुरुआती दौर में प्रति डोज 210 रुपए में खरीद रही थी। उस हिसाब से इसकी कीमत 6 करोड़ 3 लाख 68 हजार रुपए होती है।

हर व्यक्ति में दो डोज के 14 दिन बाद एंटीबॉडी बन जाती है। जो डोज खराब हुई है, उससे प्रदेश में 1,43,733 लोगों को दोनों डोज लग सकती थी।

हालांकि केंद्र की इस रिपोर्ट को प्रदेश के एनएचएम अधिकारियों ने गलत बताया है। विभाग का दावा है कि हरियाणा में वैक्सीन की बर्बादी 2 से 3% है। केंद्र ने जो डेटा जारी किए हैं, वह गलत हैं। यह रिपोर्ट 16 जनवरी से 11 मई तक की है।

ये है बर्बादी के कारण

  • पहले कोवैक्सीन की वॉयल में 20 डोज होती थी। कई बार आखिर में डोज से कम लोग टीका लेने वाले रहते हैं। ऐसे में जितनी डोज वॉयल में शेष रहती है, वह खराब हो जाती है।
  • कई बार कुछ दवा टीका लगाते वक्त बाहर बिखर जाती है। इसलिए दोबारा डोज भरी जाती है।
  • डोज भरते वक्त बबल भी कई बार हो जाता है। इसलिए बबल को बाहर निकालते वक्त भी कुछ दवा बाहर बिखर जाती है।
  • कई बार वॉयल टूट भी जाती है। इसलिए वॉयल में भरी डोज भी बिखर जाती है।
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