चंडीगढ़. हरियाणा कैडर की आईएएस रानी नागर ने नौकरी से आखिरकार इस्तीफा दे दिया है। उत्तर प्रदेश की मूल निवासी रानी डागर ने हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद आरोड़ा को मेल के जरिए इस्तीफा सौंपा है। रानी डागर ने कुछ दिनों पहले ही अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट डालकर इस्तीफा देने की बात कही थी। उनकी इस पोस्ट के बाद अफसरशाही में हलचल मच गई थी। उन्होंने अपनी व बहन रीमा नागर की जान को खतरा भी बताया है। वह दिसंबर 2019 से बहन के साथ चंडीगढ़ के सेक्टर-6 स्थित यूटी गेस्ट हाउस में कमरा नंबर 311 में किराए पर रह रही हैं।

क्या कहा रानी नागर ने

मैं रानी नागर पुत्री श्री रतन सिंह नागर निवासी ग़ाज़ियाबाद गाँव बादलपुर तहसील दादरी ज़िला गौतमबुद्धनगर आप सभी को यह भी सूचित करना चाहती हूं कि मैंने माननीय उत्तर प्रदेश सरकार एवं माननीय चंडीगढ प्रशासन को भी लिखित में ई-मेल के माध्यम से प्रार्थना-पत्र जमा किये हैं। मैंने उक्त प्रार्थना-पत्रों में माननीय उत्तर प्रदेश सरकार एवं माननीय चंडीगढ प्रशासन से अनुरोध किया है कि मैं रानी नागर व मेरी बहन रीमा नागर को चंडीगढ से ग़ाज़ियाबाद पहुंचने के लिए आवश्यक पास जारी किए जाएं जिससे मैं रानी नागर व मेरी बहिन रीमा नागर चंडीगढ से ग़ाज़ियाबाद पहुँच सकें। हम आपके आशीर्वाद व साथ के आभारी रहेंगे।

आपको बता दें रानी ने 17 अप्रैल को अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो भी शेयर किया है। इसमें उन्होंने व रीमा नागर ने जान को खतरा बताते हुए लोगों से अपील की है। बता दें कि रानी जून 2018 में पशुपालन विभाग में अतिरिक्त सचिव रहते हुए तत्कालीन एसीएस सुनील गुलाटी पर उत्पीड़न के आरोप लगाकर सुर्खियों में आई थी। उन्होंने सीएम व मुख्य सचिव को इस बारे में पत्र भी लिखा था। रानी 14 नवंबर 2018 से अतिरिक्त निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता व 7 मार्च 2020 से निदेशक आर्काइव का जिम्मा सभाल रही थी।

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