साल के सबसे मुश्किल ऑपरेशन में सेना की 4-पैरा यूनिट के जवानों ने 5 घुसपैठियों को मार गिराया। रविवार को खत्म हुए इस एनकाउंटर के दौरान सेना की सबसे मुश्किल ट्रेनिंग लेने वाली पैरा यूनिट के 5 जवान शहीद हो गए। आपको बता दें आर्मी की यह वही यूनिट है, जिसने 2016 में आतंकी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक का नेतृत्व किया था।

सेना ने ड्रोन के जरिए पिछले हफ्ते कश्मीर के केरन सेक्टर में कुछ आतंकियों को घुसपैठ करते देखा था। जिसके बाद आतंकियों के खात्मे के लिए बुधवार 1 अप्रैल को एक ऑपरेशन लॉन्च किया था। इलाके में इतनी ज्यादा बर्फ थी कि जवानों का घुसपैठियों की लोकेशन तक पहुंच पाना बेहद मुश्किल था। इसके बाद शनिवार को ऑपरेशन के चौथे दिन सेना के पैराट्रूपर को हेलिकॉप्टर के जरिए नियंत्रण रेखा के पास उतारा गया। शनिवार को पूरी रात और रविवार की सुबह तक भारी गोलीबारी होती रही।

5 मीटर के दायरे में शव मिले
तीन कमांडोज और पांच आतंकवादियों के शव 5 मीटर के दायरे में मिले हैं। इससे यह साफ है कि इनके बीच आमने-सामने की लड़ाई हुई है। इसी इलाके में गंभीर रूप से जख्मी दो जवान भी मिले, जिन्हें एयरलिफ्ट कर श्रीनगर में सेना के अस्पताल लाया गया। लेकिन बाद में उनकी मौत हो गई।

सेना की इसी 4 पैरा यूनिट ने 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक में भाग लिया था, जिसमें सीमा पार जाकर पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया था। कुपवाड़ा में अंधेरी और बर्फीली चोटियों के बीच रविवार रात हुए ऑपरेशन को हिमाचल प्रदेश के सूबेदार संजीव कुमार लीड कर रहे थे। उनके साथ 2016 सर्जिकल स्ट्राइक में भाग लेनेवाले पैराट्रूपर अमित कुमार अंथवाल भी थे।

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