जींद सामान्य अस्पताल में हुई आयुष एएमओ (AMO) भर्ती में धांधली तथा स्थानीय विधायक के साथ तनातनी की गाज सिविल सर्जन डा. जयभगवान जाटान पर गिरी है। स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें नियम 7 (Rule 7) के तहत निलंबित कर दिया है। अब उन्हें पंचकूला हैडक्वार्टर रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। उनके स्थान पर यमुनानगर के सामान्य अस्पताल में पीएमओ पद पर कार्यरत डा. मनजीत सिंह को सिविल सर्जन जींद लगाया गया है।

हालांकि सिविल सर्जन डा. जयभगवान जाटान को पहले ही कार्रवाई का पता हो गया था, जिसके चलते उन्होंने तीन दिन की छुट्टी का आवेदन कर मेडिकल आफिसर डा. गोपाल गोयल को अपना चार्ज दे दिया था।

जींद सामान्य अस्पताल के कार्यवाहक सीएमओ डा. गोपाल गोयल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय से सीएमओ डा. जयभगवान जाटान के निलंबन का पत्र मिला है। हालांकि सीएमओ तीन दिन की छुट्टी पर गए हुए हैं और कार्यभार उन्हें सौंपा गया है।

ये था मामला

दरअसल पिछले दिनों सामान्य अस्पताल में एनएचएम के तहत आयुष एएमओ समेत विभिन्न पदों के लिए नियुक्तियां की गई थी। जिसमें धांधलियों के आरोप सीएमओ डा. जयभगवान जाटान पर लगे थे। विधायक डा. कृष्ण मिड्ढा ने भी सीएमओ पर धांधली के आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज तथा स्वास्थ्य विभाग के निदेशक को शिकायत दी थी। वहीं भर्ती धांधली की जांच एडीसी द्वारा की गई थी। जिसमें भर्ती को पारदर्शी बताया था। आयुष एएमओ मुआना भर्ती में पेंच फंसा हुआ था, जिसके चलते उसे रद कर दिया गया था। मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी गई थी।

आयुष एएमओ भर्ती में कुछ घटना इस प्रकार सामने आई की वहां पर डा. संगीता डयूटीरत रही थी। जो असल में मातृत्व अवकाश पर थी। सिविल सर्जन कार्यालय ने मुआना एएमओ के पद को खाली दिखा रिक्तयां जारी कर दी। जिस पर डा. संगीता ने हाईकोर्ट की शरण ली और उस पर स्टे ले लिया। बावजूद इसके नई नियुक्तियों में आयुष एएमओ मुआना में सोनीपत की एक महिला चिकित्सक को नियुक्त कर दिया गया।

वहीं उसी एएमओ पद की दावेदार रही डा. प्रीति ने धांधली की आवाज उठाई और शिकायत विधायक के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग को की। प्रीति का आरोप था कि स्थानीय होने का उसे कोई लाभ नहीं दिया गया, जबकि नियमानुसार उसे लाभ दिया जाना था।

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