labour-special-train

लॉकडाउन के बीच हरियाणा से अन्‍य राज्‍यों के श्रमिकों के लिए छह श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएंगी। पहली श्रमिक स्‍पेशल ट्रेन आज बिहार के लिए हिसार से रवाना की गई है। इसके बाद 7 और 8 मई को पांच श्रमिक स्‍पेशल ट्रेनें रवाना की जाएंगी। 7 मई को तीन और 8 मई को दाे ट्रेनों को रवाना किया जाएगा।

आपको बता दें दूसरे राज्यों के कामगारों को मंगलवार को गृह क्षेत्र के लिए रवाना करने का शेयड्ल ऐन वक्त पर बदलना पड़ा। दरअसल बिहार सरकार से समय पर एनओसी न मिलने कारण ऐसा किया गया। अब छह स्पेशल ट्रेनें तीन अलग अलग दिनों में रवाना होंगी।

पहली ट्रेन आज हिसार से कटिहार के लिए रवाना की गई है। तीन स्पेशन ट्रेनें 7 मई, दो स्पेशल ट्रेनें 8 मई को रवाना होंगी। हरियाणा सरकार पहले सभी स्पेशल ट्रेनेंं 5 मई को रवाना करने की योजना पर काम कर रही थी। यहां आपको बता दें एक स्पेशल ट्रेन का किराया 8 लाख 4 हजार रुपये में राज्य सरकार ने जमा करवाया है।

दिशा निर्देश पर दिया जा रहा है ध्यान

यात्रियों को कैसे स्टेशन से ट्रेन में प्रवेश होगा और खाने से लेकर सफर में शारीरिक दूरी को लेकर रणनीति तैयार हो चुकी है। प्रदेश सरकार की तमाम कोशिश के बावजूद दूसरे राज्य के मजदूर रुकने को तैयार नहीं हैैं। हिसार से कटियार के लिए रवाना होने वाली स्पेशल ट्रेन का में प्रत्येक यात्री का किराया 665 रुपये होगा। पूरी स्पेशल ट्रेन का किराया 7 लाख 98 हजार तय किया गया है।

इसी प्रकार अंबाला से कटिहार (पूरी स्पेशल ट्रेन का किराया 8 लाख 4000) हिसार से मुजफ्फरपुर (किराया 6 लाख 96000) और भिवानी से मुजफ्फरपुर (किराया 7 लाख 8000) के लिए बृहस्पतिवार यानी 7 मई को स्पेशल ट्रेन रवाना होगी। तीसरी स्पेशल ट्रेेन 8 मई को रोहतक से कटियार (किराया 7 लाख 56000) और अंबाला से भागलपुर ( किराया 7 लाख 44000) रवाना होगी।

80 फीसद लोग वर्षों से थे हरियाणा में

गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार रविवार को पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण शुरू करने के बाद सोमवार शाम तक 45 हजार से अधिक लोगों ने जाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। जिन लोगों ने पंजीकरण कराया है, उनमें 80 फीसद ऐसे हैं जो कई वर्षों से हरियाणा में रहकर जीवन यापन कर रहे थे।

हरियाणा के कोरोना नोडल अधिकारी ने बताया कि स्टेशन पर सिर्फ उन्हीं लोगों को प्रवेश मिलेगा जो मेडिकल जांच प्रक्रिया से निकल चुके होंगे। स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। ट्रेनों में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की ड्यूटी लगाई जाएगी जो ट्रेन में रहेंगे। ये स्पेशल ट्रेनें नॉन-स्टॉप होंगी, जो सिर्फ एक ही गंतव्य तक पहुंचेगी। स्पीलर कोच में मिडिल बर्थ पर किसी को सवार नहीं होने दिया जाएगा। यात्रियों को ट्रेन में ही खाना परोसा जाएगा। एक ट्रेन में करीब 1200 यात्री ही सवार होंगे।

इसी तरह की खबरों के लिए जुड़िए हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से।

One thought on “हरियाणा से बिहार रवाना हुई पहली श्रमिक स्‍पेशल ट्रेन, 7 व 8 मई को जाएंगी पांच और स्पेशल ट्रेन”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *