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सरकारी दफ्तरों द्वारा आम जनता को बार बार चक्कर कटवाना आम बात है। लेकिन जब आम आदमी इस बिना वजह की देरी से तंग आ जाता है तो कोई ना कोई कदम जरूर लेता है। ऐसा ही मामला फतेहाबाद से सामने आया है। दरअसल मकान की एसेसमेंट लेने के लिए नगर परिषद कर्मचारियों द्वारा एक व्यक्ति को कई महीने तक चक्कर कटवाए गए। व्यक्ति ने इसका सबक सिखाने के लिए अनूठा तरीका अपनाया है।

व्यक्ति द्वारा अपनाए गए तरीके के चलते नगर परिषद कर्मचारी सारा दिन एक-एक रुपये के सिक्के गिनते रह गए। मिली जानकारी के अनुसार, डीसी कॉलोनी निवासी सुनील कुमार की भाभी का मकान विचाराश्रम मंदिर के पास है और उसने इस मकान की एसेसमेंट निकलवाने के लिए नगर परिषद कार्यालय में आवेदन दिया था।

सिक्के गिनते कर्मचारी

लेकिन नगर परिषद कर्मचारियों ने उसे बार-बार चक्कर कटवाए और उससे पैडिंग प्रॉपर्टी टैक्स के 90 हजार रुपये भरवा लिए। सुनील ने बताया कि उसकी भाभी का मकान रिहायशी है, लेकिन नप कर्मचारियों ने इसे कॉमर्शियल बिल्डिंग में शामिल करके इसका प्रॉपर्टी टैक्स 90 हजार रुपये दिखा दिया। मजबूरी के चलते उसने ये फीस जमा करवा दी। इस बीच लॉकडाउन के दौरान जब वो दोबारा अपना आवेदन लेकर गया तो नगर परिषद कर्मचारियों ने उसे एक नोटिस थमा दिया

चार घन्टें लगे सिक्के गिनने में

इस नोटिस में साल 2020 का प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में नौ हजार रुपये ओर भरने के निर्देश थे, जबकि अभी तक साल 2020 खत्म ही नहीं हुआ है। इसके चलते उसने नगर परिषद कर्मचारियों को सबक सिखाने की सोची। उसने इधर उधर से एक-एक और दो-दो रुपये के सिक्के इकट्ठा किए और उसे एक थैले में भरकर नगर परिषद कार्यालय में पहुंच गया। जब नप कर्मचारियों ने उससे फीस मांगी तो उसने सिक्कों से भरा थैला नप कर्मचारियों की टेबल पर रख दिया।

तीन कर्मचारियों को चार घँटे लगे गिनने में

इतने सिक्के देखकर एकबारगी तो नप कर्मचारियों के पसीने छूट गए। चूंकि वो सिक्कों के रूप में फीस लेने से इंकार नहीं कर सकते तो तीन कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई, जो सिक्के गिनेंगे। तकरीबन चार घंटे तक सिक्कों को गिनने के बाद सुनील की फीस जमा करवाई गई। सुनील कुमार का कहना था कि वो सामान्य रुपयों में भी फीस जमा करवा सकता था, लेकिन जिस तरह से बार-बार उसे चक्कर कटवाए गए, उससे परेशान होकर उसने ये कदम उठाया। मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है।

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