अनिल विज की अधिकारियों को चेतावनी- नौकरी करनी है तो विधायकों की सुननी पड़ेंगी

Anil-vij-on-delhi
दिल्ली से आवागमन के चलते बढ़े हैं हरियाणा के कोरोना केस

हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने हरियाणा के अफसरों को चेतावनी दी है कि उन्हें विधायकों की बात सुननी ही पड़ेगी। उनका कहना है कि प्रोटोकॉल में विधायक मुख्य सचिव से भी ऊपर है। उन्होंने साफ किया की हरियाणा में नौकरी करनी है तो विधायकों की सुननी ही पड़ेगी। दरअसल, हरियाणा के विधायकों ने विधानसभा स्पीकर के सामने शिकायत की थी कि अधिकारी उनका फोन नहीं उठाते हैं। इस पर स्पीकर ने उन्हें लिखित शिकायत करने के लिए कहा था।

विज ने मामले में विधायकों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि विधायकों द्वारा यह मुद्दा पहले भी उठाया जा चुका है। विज ने स्वीकार किया कि विधायकों द्वारा बुलाई जाने वाली बैठकों से अधिकारी नहीं आते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को उनकी सुनवाई करनी चाहिए। अगर विधायक मुख्यमंत्री को बताएंगे तो इस मामले में जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

अनिल विज ने कहा कि प्रोटोकॉल में विधायक मुख्य सचिव से ऊपर हैं ,यह अफसरों को बता दिया जाएगा। कांग्रेस विधायक किरण चौधरी द्वारा इस मुद्दे पर विधानसभा में बिल लाए जाने के दावों को खारिज करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। विधायकों को उचित मान-सम्मान मिलेगा।

क्या है मामला

दरअसल हरियाणा में अफसर विधायकों के फोन नहीं उठा रहे। ऐसे में अब सभी विधायक एकजुट हो गए हैं। मामला विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता तक पहुंचने के बाद अब उन्होंने विश्वास दिलाया है कि जो अधिकारी फोन नहीं उठाते उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार को स्पीकर ने राज्य के 11 जिलों के विधायकों के साथ पहली बार वीडियो काॅन्फ्रेंस के जरिए बातचीत की। इसमें कोरोना को लेकर भी चर्चा हुई। ज्यादातर विधायकाें ने यही मसला रखा कि अधिकारी सुनवाई नहीं करते।

विधानसभा अध्यक्ष ने अब ऐसे अधिकारियों को विशेषाधिकार समिति के सामने पेश करने की तैयारी कर ली गई है। स्पीकर गुप्ता ने कहा कि जो अधिकारी फोन नहीं उठाते, उनकी लिखित में शिकायत दी जाए। ऐसे मामलों को विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने रखा जाएगा। समिति ऐसे दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है।