हरियाणा सरकार ने सरसों और गेहूं की खरीद को आसान बनाने और कोरोना महामारी को देखते हुए मंडियों में भीड़ को कम करने के लिए एक समय में किसानों के प्रवेश की सीमा को 50 तक सीमित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय कोरोना वायरस के मद्देनजर ससोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने को ध्यान में रखकर लिया गया है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जारी निर्देशों में बताया गया है कि रबी खरीद सीजन 2020-21 (गेहूं, सरसों और चना)15 अप्रैल से आरंभ होगा और 30 जून, 2020 तक जारी रहेगा।

मंडियों में दो टाइम स्लॉट 

किसानों को मंडी में सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक और दोपहर ढाई बजे से शाम छह बजे तक जाने की अनुमति होगी। निर्देशों में बताया गया है कि खरीद को नियंत्रित करने और मंडियों में भीड़ इकट्ठा न हो, इसके लिए मार्केट कमेटी यह सुनिश्चित करेगी कि सभी कृषि उत्पाद अर्थात गेहूं, सरसों, और चना को ऑनलाइन ई-गेट पास के जारी होने पर ही मंडी में प्रवेश दिया जाए और यह पास केवल ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत और सत्यापित किसानों को ही जारी किया जाएगा। जो किसान अभी ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं, वे 19 अप्रैल तक पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। 

फसलों की खरीद पर इस बार सीलिंग से छुटकारा

कोरोना से जंग के बीच हरियाणा के किसानों को इस बार फसल खरीद में सीलिंग से भी छुटकारा मिला है। प्रदेश सरकार को किसानों की पूरी फसल खरीदनी होगी। प्रति एकड़ उत्पादन में से तय सीमा तक ही फसल खरीद की कोई पाबंदी सरकार नहीं लगा पाएगी। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने सरकार को किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के निर्देश दिए हैं। 

गुरुवार देर शाम तोमर ने हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल, सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये फसल खरीद को लेकर बैठक की। बैठक में फसल खरीद से जुड़े महकमों के अधिकारियों को भी शामिल किया गया।

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