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भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त डिडवाड़ी के नरेंद्र सिंह पर धांधली के आरोप लगे हैं। ग्राम सचिव रहते हुए हड़ताड़ी में 1.51 करोड़ के डिवेलपमेंट वर्क की धांधली में इनका नाम आया है। इसराना के ब्लॉक डिवेलपमेंट पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) की जांच में बतौर ग्राम सचिव रहते हुए नरेंद्र सिंह ने हड़ताड़ी के सरपंच गुरमीत के साथ मिलकर गड़बड़ी की है।

जांच रिपोर्ट के मुताबकि मेजरमेंट बुक (MB) में एसडीओ के साइन कराए बिना ही दोनों ने पंचायत के खाते से 1.51 करोड़ रुपए निकाल लिए, जबकि डिवेलपमेंट वर्क अधूरे पड़े हैं। बीडीपीओ जितेंद्र शर्मा ने पद्मश्री अवार्डी नरेंद्र सिंह और सरपंच गुरमीत सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है। आपको बता दें सरकार की हिदायत पर इसराना ब्लॉक की सभी पंचायतों से रिकॉर्ड मांगा गया था। कुछ पंचायतों से रिकॉर्ड नहीं मिले, जिसमें हड़ताड़ी पंचायत भी थी।

तत्कालीन ग्राम सचिव पद्मश्री अवार्डी नरेंद्र सिंह और सरपंच गुरमीत ने रिकाॅर्ड नहीं उपलब्ध कराए तो बीडीपीओ ने नरेंद्र सिंह को ग्राम सचिव से हटाकर सतीश कुमार को हड़ताड़ी के ग्राम सचिव की जिम्मेदारी दी थी। अब सतीश कुमार को भी दोनों ने रिकॉर्ड नहीं दिए तो बीडीपीओ के आदेश पर ग्राम सचिव ने बैंक से पंचायत के खातों की डिटेल निकलवाई। पता चला कि पंचायत के खाते से 1.51 करोड़ रुपए निकल चुके हैं। सरकार ने डिवेलपमेंट के लिए यह फंड दिए थे।

बीडीपीओ ने रिपोर्ट में बताया है कि 6 विकास कार्यो के लिए ग्राम सचिव नरेंद्र सिंह व सरपंच गुरमीत ने 1.51 करोड़ बैंक से निकाल लिए। मेजरमेंट बुक में इन 6 वर्क पर खर्च सिर्फ 94.88 लाख दिखाई गई। एमबी बुक में एसडीओ के साइन नहीं, रिकॉर्ड भी पूरा नहीं।

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