कोरोना महामारी से निपटने के लिए दिन रात कार्य कर रहे डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति हरियाणा सरकार ने अपनाई है। हरियाणा की मुख्य सचिव ने बताया कि कि संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि महामारी (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के अनुसार महामारी के दौरान सेवा कर रहे किसी भी स्वास्थ्य कर्मचारी के विरूद्घ किसी भी व्यक्ति द्वारा की गई हिंसा या घृणा की कार्रवाई अथवा महामारी के दौरान किसी भी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कार्यवाही को संज्ञेय और गैर-जमानती दंडनीय अपराध माना गया है।

जिसके तहत उल्लंघनकर्ता को कम से कम छह महीनों की अवधि के लिए कारावास की सजा, जिसे सात वर्ष की अवधि तक बढ़ाया जा सकता है। एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।

इस संबंध में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों का अनुपालन करते हुए, महामारी (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के कार्यान्वयन के लिए पुलिस उप-महानिरीक्षक कानून एवं व्यवस्था को राज्य नोडल अधिकारी और सभी पुलिस आयुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को जिला नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

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