हरियाणा में फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रेक्टर (PTI) शिक्षकों की नौकरी पर गाज गिरी है उनकी नौकिरयां चली गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती रद करने के पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। यह मामला हरियाणा में 2010 का 1983 पदों पर पीटीआइ टीचर भर्ती का है। अभी तक सुप्रीम कोर्ट के आदेश से हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक चल रही थी और ये टीचर नौकरी कर रहे थे लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आने के बाद अंतरिम रोक आदेश समाप्त हो गया है और इन टीचरों की नौकरी जानी तय है।

पंजाब हरियाणा हाइकोर्ट ने भर्ती में अनियमितता के आधार पर पीटीआइ टीचरों की भर्ती रद कर दी थी जिसके खिलाफ शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब हरियाणा हाइकोर्ट के फैसले को सही ठहराया

न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने बुधवार को हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली पीटीआइ टीचरों की अपीलों का निपटारा करते हुए यह फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती रद करने के हाइकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट का विस्तृत फैसला अभी प्राप्त नहीं हुआ है। याचिकाकर्ता शिक्षकों के वकील देवाशीष भारुका ने बताया कि वैसे तो वे भी कोर्ट के विस्तृत आदेश का इंतजार कर रहे हैं लेकिन आदेश का जो सीमित अंश कोर्ट ने पढ़ा उसके मुताबिक जो टीचर पिछले दस वर्ष से नौकरी कर रहे उनसे वेतन की वसूली नहीं होगी। जो सेवानिवृत हो गए हैं उनसे भी नहीं होगी। इसके अलावा कोर्ट ने कहा है कि पांच महीने के भीतर नये सिरे से चयन और भर्ती की जाए।

2010 हुड्डा सरकार का है मामला

पीटीआइ टीचरों की भर्ती का यह मामला 2010 में हुड्डा सरकार के समय का है। इस भर्ती में अनियमितताओं और तय प्रकिया का पालन न किये जाने का आरोप लगाते हुए इसे हाइकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाइकोर्ट ने भर्ती रद कर दी थी जिसके खिलाफ शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने शुरुआती सुनवाई में ही हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी थी जिसके कारण ये शिक्षक अभी तक नौकरी कर रहे थे। लेकिन बुधवार को अंतिम फैसला आने के बाद अंतरिम आदेश समाप्त हो गया है।

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