कोविड-19 ने रविवार को रेवाड़ी में अब तक का सबसे बड़ा मामला सामने आया है। शहर के साथ लगते गांव बीकानेर में एक ही परिवार के पांच लोग कोरोना पॉजीटिव मिले है। खास बात यह है कि इसमे स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग की लापरवाही के कारण पॉजीटिव व्यक्ति 10 दिन तक कोरोना के साथ गांव में घूमता रहा।

पहले पॉजीटिव और फिर नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद तबीयत खराब हुई तो तीसरा सैंपल लेने पर पॉजीटिव रिपोर्ट आई। एतिहातन परिवार के भी सैंपल लिए गए। रविवार को व्यक्ति खुद तो पॉजीटिव मिला ही साथ ही उसकी पत्नी, बेटा-बेटी व मां भी पॉजीटिव पाए गए है। इतना ही नहीं इसके कंट्रैक्ट की हिस्ट्री सुनकर ही विभाग के भी हाथ कांपने लग गए है, क्योंकि 10 दिन की अवधि के दौरान लोगों के बीच उसका आना जाना काफी ज्यादा रहा। व्यक्ति के परिवार में सब्जी की दुकान चलाने वाला व्यक्ति भी है। स्वास्थ्य विभाग अब उसके संपर्क में आए हर उस व्यक्ति की तलाश कर सैंपल ले रहा है, जिससे कोरोना की चैन को तोड़ा जा सके।

जिलाधीश यशेन्द्र सिंह ने गांव बीकानेर को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके साथ ही कई गांवों को भी बफर जोन में शामिल किया गया है।

क्या था मामला

बता दें कि 13 मई को गांव बीकानेर निवासी गुरुग्राम की एक कंपनी में कार्यरत कर्मचारी का नागरिक अस्पताल में सैंपल लिया गया था। 15 मई को उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई थी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की गड़बड़ी के कारण पॉजीटिव व्यक्ति का पता नहीं चल पाया था। ऐसे में विभाग ने प्राणपुरा के व्यक्ति को पॉजीटिव दिखा दिया था, जबकि 15 मई को तो उसका सैंपल ही लिया गया था। बाद में मामला गर्माने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए थे। लापरवाही का नतीजा अब सबके सामने है।

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