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मानेसर के सेक्टर एक में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। जिसके बाद एरिया में खौफ का माहौल हो गया है। जानकारी मिली है कि कोरोना पॉजिटिव लड़का जिस पीजी में रह रहा था, उस पीजी में परचून की दुकान में काम करने वाले लगभग 18 मजदूर इसके संपर्क में आए हैं।

दुकान की बदनामी ना हो इसलिए छिपाकर रखा

जानकारी मिली है कि दुकान मालिक ने पीजी व दुकान की बदनामी के डर से लड़के पर दबाव बनाया गया। उसे इसका खुलासा ना किए जाने को लेकर दवाब बनाया गया। मरीज को पीजी से निकालकर ऐसी इमारत में भेज दिया गया जोकि निर्माणाधीन है, जहां बिजली, पानी की कोई व्यवस्था नहीं है।

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जब सोसायटी प्रधान सुनील पंवार को मामले के बारे में खबर मिली तो उन्होंने इस मरीज का पता लगाया। उसकी कंपनी तक जाकर पॉजिटिव का पता निकाल लिया। रविवार देर रात पिछले तीन दिन से सेक्टर वन में रह रहे कोरोना पॉजिटिव मरीज को उपचार के लिए एंबुलेंस से गुडग़ांव में भेजा गया।

बताया जा रहा है कि पॉजिटिव लड़का सेक्टर में परचून की दुकान पर आवाजाही करता था। दुकान में काम करने वाले लड़के भी इसके साथ पीजी में रहते हैं। अब लोगों को डर सता रहा है कि दुकान के लड़के कितने ग्राहकों के संपर्क में आयें होंगे। सुनील पंवार के अनुसार कोरोना पॉजिटिव ने अपने सम्पर्क में आए 18 लड़कों के नाम भी बताए हैं।

अब सवाल यह हैं कि इस तरह की हरकत क्यों की गई, पता रहते भी हुए तीन दिन से इस कोरोना पॉजिटिव को उपचार के लिए नहीं भेजा गया। पीजी मालिक ने मानेसर में अपनी बदनामी होने के डर से उसे छुपकर रखा। जिसके चलते कमल सोसायटी व आसपास के लोगों में भय का माहौल है।

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