हरियाणा की तहसीलों में हुए रजिस्ट्री घोटाले में बीजेपी-जेजेपी सरकार ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है। गुड़गांव के एक तहसीलदार और पांच नायब तहसीलदारों को एक साथ सस्पेंड किया गया है। जबकि एक सेवानिवृत्त तहसीलदार पर भी कार्रवाई हुई है। सीएम मनोहर लाल के आदेश पर इन अधिकारियों को फाइनेंशियल कमिश्नर रेवेन्यू विजय वर्धन ने सस्पेंड किया है।

बता दें हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम 1975 का उल्लंघन कर डीड का पंजीकरण करने के मामले में यह कार्रवाई हुई है। सस्पेंड किए गए अधिाकारियों में गुड़गांव जिले के सोहना के तहसीलदार बंसी लाल और नायब तहसीलदार दलबीर सिंह दुग्गल, बादशाहपुर के नायब तहसीलदार हरि कृष्ण, वजीराबाद के नायब तहसीलदार जय प्रकाश, गुड़गांव के नायब तहसीलदार देश राज कांबोज व मानेसर के नायब तहसीलदार जगदीश शामिल हैं। यही नहीं इन्हें नियम 7 के तहत चार्जशीट भी किया गया है।

वहीं कादीपुर के सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार ओम प्रकाश को भी चार्जशीट किया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन कर दस्तावेजों का पंजीकरण करने के लिए इन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।

आपको बता दें पिछले दिनों बड़ी गड़बड़ी मिलने के बाद सरकार ने रजिस्ट्री बंद कर दी थी और इस मामले की जांच के लिए सभी डीसी को आदेश दिए थे। गुड़गांव के नायब तहसीलदार देशराज कंबोज को 15 जुलाई को रातों रात अम्बाला ट्रांसफर भी कर दिया गया था।

अब पटवारियों पर होगी कार्रवाई

गुड़गांव मंडल के जिन पटवारियों ने गलत इरादे के साथ खसरा गिरदावरी में कृषि योग्य भूमि को गैर मुमकिन, गैर मुमकिन पहाड़, गैर मुमकिन फार्महाउस आदि यानी कृषि अयोग्य में बदल दिया है। इन सबकी जांच का जिम्मा गुड़गांव मंडल के आयुक्त को सौंपा गया है। इसके बारे में विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि इनपर भी कार्रवाई की जा सके।

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